Kisan Update 2024: मक्का और गन्ने की खेती के लिए सभी किसानों को मिलेगी सब्सिडी ऐसे उठाएं लाभ

Kisan Update 2024: मक्का और गन्ने की खेती के लिए सभी किसानों को मिलेगी सब्सिडी ऐसे उठाएं लाभ

मक्का और गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है राज्य सरकार मक्का और गन्ने की खेती के लिए सब्सिडी का लाभ देगी क्षेत्र में मक्का एवं गन्ना का क्षेत्रफल एवं उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों को मक्का एवं गन्ना का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा सरकारी योजना से राज्य के किसानों को काफी फायदा होगा खास बात यह है कि इस योजना में मक्के की अलग-अलग किस्मों के हिसाब से सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा

मक्का और गन्ना किसानों के लिए सरकार की क्या योजना है

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी सरकार राज्य में मक्के की खेती को बढ़ावा दे रही है. इसके लिए सरकार एक नई योजना शुरू करने जा रही है इस योजना के तहत राज्य में गन्ने का क्षेत्रफल दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र तथा मक्के का उत्पादन 11 लाख मीट्रिक टन से अधिक बढ़ाने की योजना है इस योजना के तहत एक लाभार्थी को अधिकतम दो हेक्टेयर तक अनुदान का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस योजना का लाभ राज्य के हर जिले के किसान उठा सकते हैं सरकार की इस योजना से राज्य के गन्ना और मक्का किसानों को काफी फायदा होगा राज्य में उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ किसानों की आय भी बढ़ेगी

कितनी सब्सिडी मिलेगी मक्का की खेती पर

मक्का की खेती पर सरकार किसानों को मक्का की किस्म के अनुसार सब्सिडी का लाभ देगी योजना के तहत किसानों को देशी मक्का संकर मक्का और पॉप कॉर्न मक्का की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 2400 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी जबकि बेबी कॉर्न और मक्का की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 16,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा इसके अलावा मीठी मक्का की खेती के लिए सरकार किसानों को प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये का अनुदान देगी यह योजना यूपी सरकार द्वारा राज्य में चार वर्षों तक चलायी जायेगी। इस प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी है इसके बाद इस योजना को शुरू करने को लेकर सरकारी आदेश जारी कर दिया गया है

किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ

कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक इस योजना का लाभ प्रदेश के सभी जिलों के किसानों को दिया जाएगा. हालाँकि, इस योजना के लिए मुख्य रूप से प्रदेश के 13 जिले हैं जिनमें शामिल हैं-बहराइच, बुलन्दशहर, कन्नौज, उन्नाव, हरदोई, गोंडा, कासगंज, एटा, फर्रुखाबाद, बलिया और लालीपुर, जिन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत मक्का की फसल के लिए चुना गया है। इस योजना के घटक जैसे संकर मक्का प्रदर्शन, संकर मक्का बीज वितरण एवं टेबल विक्रेता को जिलों में लागू नहीं किया जाएगा, क्योंकि ये भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना में अनुमन्य हैं।

मक्के का सर्वाधिक उपयोग किस प्रयोजन के लिए किया जाता है

गेहूं और धान की खेती के बाद मक्के की खेती का अपना स्थान है। खास बात यह है कि अगर सिंचाई की सुविधा हो तो मक्के की खेती तीनों मौसम में की जा सकती है. मक्के के बढ़ते उपयोग के कारण आज बाजार में इसकी मांग बढ़ने लगी है भोजन के अलावा मक्के का उपयोग पशु आहार मुर्गी चारा और प्रसंस्कृत भोजन आदि के रूप में किया जाता है इसके अलावा इसका उपयोग इथेनॉल बनाने में भी किया जा रहा है। ऐसे में इसकी बढ़ती उपयोगिता के कारण मक्के की खेती भी किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है

Kisan Update 2024
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यूपी में मक्के का कितना उत्पादन होता है

वर्ष 2021-22 में राज्य में मक्के का उत्पादन 14.67 लाख मीट्रिक टन हुआ. जबकि वित्तीय सत्र 2022-23 के खरीफ सीजन में 6.97 लाख हेक्टेयर में 14.56 लाख मीट्रिक टन मक्का का उत्पादन हुआ जबकि रबी सीजन में 0.10 लाख हेक्टेयर में 0.28 मीट्रिक टन और जायद सीजन में 0.49 लाख हेक्टेयर में 1.42 लाख मीट्रिक टन मक्का का उत्पादन हुआ अब राज्य में मक्का का उत्पादन 11 लाख मीट्रिक टन से अधिक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है

यूपी में गन्ने की खेती के लिए कितनी सब्सिडी दी जाती है

यूपी में गन्ने की खेती के लिए किसानों को सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है। इसके तहत किसानों को गन्ना बीज भूमि उपचार और धान प्रबंधन के लिए प्रति हेक्टेयर कुल 900 रुपये का अनुदान दिया जाता है पहले इस योजना के तहत गन्ना बीज भूमि उपचार और धान प्रबंधन के लिए अलग-अलग अनुदान दिया जाता था

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